Updated 50+🔥🔥 Gulzar Shayari | Gulzar Shayari On Life 2022

Gulzar Shayari आज हम गुलजार की दो लाइन शायरी Gulzar Shayari 2022 In Hindi पढ़ेगे. आधुनिक हिंदी ऊर्दू की शेरो शायरी महफिलों का जाना माना नाम गुलजार साहब का हैं. विश्व प्रसिद्ध शायर होने के साथ साथ गुलजार जी कवि, पटकथा लेखक, फ़िल्म निर्देशक नाटककार भी हैं. Gulzar Shayari On Life

Gulzar Shayari

Gulzar Shayari
Gulzar Shayari

कोई पूछ रहा है मुझसे अब मेरी ज़िन्दगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है हल्का सा मुस्कुराना तुम्हारा।

मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है,
मिल जाए तब भी और ना मिले तब भी।

ये इश्क़ मोहब्बत की रिवायत भी अजीब है
पाया नहीं है जिसको उसे खोना भी नहीं चाहते।

उस उम्र से हमने तुमको चाहा है,
जिस उम्र में हम जिस्म से वाकिफ ना थे।

यूँ तो रौनकें गुलज़ार थी महफ़िल, उस रोज़ हसीं चहरों से
जाने कैसे उस पर्दानशी की मासूमियत पर हमारी धड़कने आ गई।

आइना देख कर तसल्ली हुई,
हम को इस घर में जानता है कोई।

वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर,
आदत इस की भी आदमी सी है।

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा,
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा।

हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में,
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया।

नज़र झुका के उठाई थी जैसे पहली बार,
फिर एक बार तो देखो मुझे उसी नज़र से।

मौसम का गुरुर तो देखो,
तुमसे मिल के आया हो जैसे।

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Gulzar Shayari On Life

Gulzar Shayari
Gulzar Shayari

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ,

Gulzar Shayari Image

रिश्तों की अहमियत समझा करो जनाब
इन्हे जताया नहीं निभाया जाता है।

धागे बड़े कमजोर चुन लेते हैं हम,
और फिर पूरी उम्र गांठ बांधने में ही निकल जाती है।
किसी की आँख में हम को भी इंतज़ार दिखे।

सफल रिश्तों के बस यही उसूल है,
बातें भूलिए जो फिजूल है।

वो चीज़ जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गए हैं रख के कहीं।

Wo Chiz Jise Dil Kahate Hain,
Ham Bhul Gaye Hain Rakh Ke Kahi…

तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं,
रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं।

Tere JANE Se To Kuchh Badala Nahi,
Raat Bhi Aayi Chand Bhi Tha, Magar Neend Nahi…

कभी तो चौक के देखे कोई हमारी तरफ़,
किसी की आँखों में हमको भी को इंतजार दिखे

Gulzar Shayari In Hindi 2 Lines

Gulzar Shayari
Gulzar Shayari

Kabhi To Cauk Ke Dekhe Koi Hamari Taraf,
Kisi Ki Ankhon Me Hamako Bhi Ko Intzaar Dikhe..

Gulzar Shayaris

दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा,
इसका शायद कोई हल नहीं हैं।

Dil Agar Hain To Dard Bhi Hoga,
Isaka Shayad Koi Hal NAHI Hoga..

रोई है किसी छत पे, अकेले ही में घुटकर,
उतरी जो लबों पर तो वो नमकीन थी बारिश।

Royi Hain Kisi Chhat Pe, Akeli Hi Me Ghutkat,
Utari Jo Labon Par To Wo Namkin Thi Barish..

gulzar 2 line shayari

सब कुछ बदल गया ताजा बरसो
बाद मिले हाथ भी ना थाम सके
वह इतने पराए से लोग लगे।

Sab kuch badal gaya taja barso bad
mile hath bhi na thama sake wah
itne paraye se log lage.

हर किसी के पास अपने-अपने मायने हैं;
खुद को छोड़, सिर्फ दूसरों के लिए ही आईने हैं।

पलट Kar Jawaab Dena बेशक गलत बात है,
लेकिन सुनते Raho To Log Bolne Ki हद भूल जाते हैं।

यहां हर कोई रखता है, खबर गैरों के गुनाहों की;
अजीब फितरत है, कोई आईना नही देखता.

shayari by gulzar

मोहब्बत किसी से करनी हो तो हद मैं
रहकर करना वरना किसी को बेपनाह
चाहोगे तो टूट कर बिखर जाओगे।

Mohabbat kisi se karni ho to had me
Rehkar karna varna kisi ko bepanha
Chahoge to tut kat bikhar jaoge.

gulzar 2 line shayari

पहली मोहब्बत मुकदमे की तरह होती है
ना खत्म होती है वरना इंसान को बाइज्जत
बरी करती है।

Pehli mohabbat mukadme ki tarha
hoti hai na khtam hoti hai varna
insaan ko bezzat barin karti hai.

gulzar shayari on life in hindi

जो आज करते हैं नजरअंदाज तुम बुरा क्या
मालूम टूटकर पागलों की तरह मोहब्बत
तो सिर्फ मैंने ही की थी

Jo aaj karte hai zajarandaj tum bura
kya malum tutkar pagalon ki tarha
mohabbat to sirf mene hi ki thi.

बी़च आ़समाँ में था़ बात़ करते़- करते ही,
चांद इ़स त़रह बु़झा जै़से फूंक़ से दिया,
देखो़ तुम इ़तनी ल़म्बी सांस म़त लिया़ क़रो।।

वो़ मोहब्बत भी़ तु़म्हारी थी़ नफरत भी़ तुम्हारी़ थी़,
हम़ अपनी़ वफ़ा का़ इंसाफ कि़ससे़ माँगते़..
वो़ शहर भी़ तुम्हारा़ था वो़ अदालत भी़ तुम्हारी़ थी.

Gulzar Shayari On Life In Hindi

Gulzar Shayari
Gulzar Shayari

को़ई पू़छ रहा़ है़ मुझ़से मेरी जिंदगी की़ कीमत,
मु़झे याद़ आ रहा़ है़ ते़रा ह़ल्के से़ मु़स्कुरा देना़ ।

तु़मसे मिला़ था़ प्यार ,कु़छ अ़च्छे नसीब थे़ ,
ह़़म उ़न दि़नों अमीर थे़ , ज़ब तुम क़रीब थे।

जरा ये़ धुप ढ़ल जा़ए ,तो़ हाल़ पू़छेंगे ,
य़हाँ कु़छ सा़ये , खुद़ को खुदा ब़ताते है़।

वक़्त रह़ता ऩहीं क़ही टिक़ क़र.
इसकी आद़त भी आदमी सी़ है़।

गुलजार शायरी जिंदगी

कु़छ रिश्तो मे़ मु़नाफा़ ऩहीं हो़ता
प़र जिंदगी को़ अमीर ब़ना दे़ते है़

ते़रे बि़ना ज़िन्दगी से़ को़ई शि़क़वा तो़ ऩही,
ते़रे बि़ना ज़िन्दगी भी़ लेकिन, ज़िन्दगी तो़ नही़।

जिंदगी स़स्ती है़ सा़ह़ब
जी़ने के़ त़रीके म़हंगे है

मि़ट्टी है़ य़ह़ मि़ट्टी
मिट्टी को़ मि़ट्टी मे़ द़फनाते़ हुए़
रोते हो़ क्यो़?

गुलजार के विचार
जिंदगी छो़टी ऩहीं हो़ती है
लोग़ जीना़ ही दे़री से शुरू़ क़ऱते है.

गुलज़ार की दर्द भरी शायरी
खामोशी ही़ भ़ली अ़ब
ह़र बात़ प़र जंग हो़ य़ह जरू़री तो़ नहीं.

गुलजार शायरी हिन्दी
ज़ब़ त़क रास्ते स़म़झ मे आते हैं
त़़ब त़क लौट़ने का़ वक़्त हो़ जाता़ है
य़ही जिंदगी है.

~ ख़ामोशी का हासिल भी इक लम्बी सी ख़ामोशी है।
उन की बात सुनी भी हमने अपनी बात सुनाई भी।।

~ अगर आँसुओ की किम्मत होती।
तो कल रात का तकिया अरबों का होता।।

Gulzar Shayari Sad

~ मुस्कुराने से शुरू और रुलाने पर खत्म
ये वो जुर्म हैं जिसे लोग मोहब्बत कहतें हैं।

~ कब से बैठा हुआ हूँ मैं जानम
सादे काग़ज़ पे लिखके नाम तेरा।
बस तेरा नाम ही मुकम्मल है
इससे बेहतर भी नज़्म क्या होगी।।

~ क़िताबें माँगने, गिरने, उठाने के बहाने जो रिश्ते बनते थे
अब उनका क्या होगा, वो शायद अब नही होंगे।।

~ एक उम्मीद बार बार आ कर, अपने टुकड़े तलाश करती है।
बूढ़ी पगडंडी शहर तक आ कर, अपने बेटे तलाश करती है।।

हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते।
वक़्त की शाख़ से लम्हें नहीं तोड़ा करते।।

~ सिर्फ आवाज देने से ही कारवां नहीं रुका करते।
देखा ये भी जाता है कि पुकारा किसने है।।

Mai december aur tu january,
Rishta kaphi nazdik ka,
aur duri sal bhar ki
मैं दिसम्बर ओर तू जनवरी ,
रिश्ता काफी नजदीक का ,
दूरी साल भर की

Mujhe furshat kha ki mausam suhana dekhu,
Teri yaadon se niklu tab to jamana dekhu
मुझे फुरसत कहा की मौसम सुहाना देखू,
तेरी यादों से निकलू तब तो जमाना देखू

Yaha khud se mile jamana ho gaya,
Aur log kehte hai hme bhul gaye
यहा खुद से मिले जमाना हो गया,
और लोग कहते है हमे भूल गए

Gulzar shayari images

Us hasti tasweer ko kya malum ,
Use dekh kar kitna roya jata hai

उस हँसती तस्वीर को क्या मालूम,
उसे देखकर कितना रोया जाता है।

Tum ishq karo aur dard na ho,
Matlab december ka mahina ho aur sard na ho

तुम इश्क करो और दर्द न हों,
मतलब दिसम्बर का महिना हो और सर्द ना हो

Gulzar shayari in hindi

Dekhna akele me hogi usko hmari kadar,
Abhi to bahut log hai unke pass dil lgane k liye

देखना अकेले मे होगी उसको हमारी कदर ,
अभी तो बहुत लोग है उनके पास दिल लगाने के लिए

Gulzar shayari images

Jis din mujhe kho doge ,
Us din muskurate hue bhi ro doge

जिस दिन मझे खो दोगे
उस दिन मुसकुराते हुए भी रो दोगे

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