Latest Patang Shayari 2023 | पतंग शायरी | Kite Quotes | Shayari Status

Patang Shayari – Pyar ki Patang ki Dor Shayari, इश्क़ की पतंग शायरी , प्यार की पतंग की डोर शायरी , मोहब्बत एक कटी पतंग Shayari , Patang SMS Shayari, 2 Line Patang si Zindagi Shayari , प्रेम की पतंग – नफरत की पेच शायरी, इश्क की पतंग 2 लाइन स्टेटस, हैप्पी मकर संक्रांति SMS, Happy Uttarayan, Happy Sankranti Wishes, मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ

Patang Shayari

Patang Shayari
Patang Shayari

मिली उससे नजरें और कटी पतंग।
आँखों में धार थी उसके इतनी दबंग।।

लड़े नैन के पैच तो उड़े पतंग के परखच्चे।
कटे हुए इस सच्चे प्यार को लुटने दौड़े फिर बच्चे।।

उसने अकड़ दिखाई तो पतंग भी फड़फड़ाई।
फिर फट गई बेचारी जैसे ही उसने बत्तीसी दिखाई।।

खींची प्यार की डोरी
पतंग संग चली आयी गौरी।
फिर लड़े नैन के पैचे
और पड़ोस के बच्चों ने पतंग जा तोड़ी।

वो इठलाई पतंग के संग संग
दिखाने लगी प्यार के रंग।
चली हवा तन से सरकी चुनरी
हुआ दिल घायल टूटे पतंग के तंग
फंसा झाड़ी में दिल देख उसका यौवन।

मिला के उनसे नैन
दिल के पैच लड़ा बैठे।
बड़ा तेज उनके इश्क़ का मांझा
पतंग हम कटा बैठे।।

उसने काटी हमारी डोरी
हमने देख फ़िदा हुए उनके लब।
उस डोरी से उड़ाये जब वह पतंग
लगे दिल ही उड़ रहा है अब।

लपेट लिया दिल की चरखी में
मांझा हमारा तोड़कर।
अब जब भी लड़ाये वह पैच हमसे
बस देते ढील लव यू बोलकर।।

आजकल हम जफ़ा पे लिखते हैं
यानी तेरी अदा पे लिखते हैं

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पतंग शायरी

Patang Shayari
Patang Shayari

दिल कभी दीवार और कभी-कभी तो
हम तिरा नाम हवा पे लिखते हैं

ज़िन्दगी खेल नहीं पतंगों का
चलो ये आसमाँ पे लिखते हैं

आज फिर याद घर की आयी है
आज फिर कुछ माँ पे लिखते हैं

‘शाद’ क्या दौर आया शायरी का
लोग सिर्फ़ बेवफ़ा पे लिखते हैं

आजकल हम जफ़ा पे लिखते हैं
यानी तेरी अदा पे लिखते हैं

दिल कभी दीवार और कभी-कभी तो
हम तिरा नाम हवा पे लिखते हैं

ज़िन्दगी खेल नहीं पतंगों का
चलो ये आसमाँ पे लिखते हैं

आज फिर याद घर की आयी है
आज फिर कुछ माँ पे लिखते हैं

‘शाद’ क्या दौर आया शायरी का
लोग सिर्फ़ बेवफ़ा पे लिखते हैं

पतंग को उस वक़्त खींचा गया
हवा जब कह रही थी ढील दो

तमन्ना जाग उठती है तेरे कूचे में आने से
तेरे चिलमन हटाने से ज़रा सा मुस्कुराने से

पतंग ऐसे नहीं उड़ती इसे वैसे उड़ाओ तुम
वही कहता है ये अक्सर जो बस चरखी पकड़ता है

सारी दुनिया भूला के रूह को मेरे संग कर दो
मेरे धागे से बंध जाओ खुद को पतंग कर दो

Kite Quotes

Patang Shayari
Patang Shayari

Saari Duniya Bhulake Ruh ko Mere Sang Kar Do
Mere Dhaage se Bandh Jao Khud ko Patang Kar Do !

*** Patang SMS Shayari ***
पतंग कट भी जाए मेरी तो कोई परवाह नहीं
आरजू बस ये है की उसकी छत पर जा गिरे

Patang kat Bhi Jaye Meri TOh Koi Parwah Nahi,
Aarzoo bas ye hai ki uski Chhat par jaa Gire !

*** प्रेम की पतंग – नफरत की पेच शायरी ***

प्रेम की पतंग उड़ाना, नफरत की पेच काटना
मांझे जितना लंबा रिश्ता बढ़ाना, दिल से इसे निभाना

Prem Ki PatangUdana, Nafrat ki Pech Kaatna,
Maanjhe Jitna Lamba Rishta Badhana, Dil Se Ise Nibhana !

हर पतंग जानती है अंत में कचरे मे जाना है
लेकिन उसके पहले उसे आसमान छूकर दिखाना है

Har Patang Jaanti hai aakhir mein Kachare Mein Jaana Hai
Lekin Uske Pehle Use Aasmaan Chukar Dikhana hai !

बादलों से खेले, उनसे टकराये,
तूफानों में भी फँस
बाहर आ इतराए,
बेखबर है फिर, बारिश से भी,

उसे मालूम ही नहीं,
बादल उसके साथ तो हैं,
लेकिन साथी नहीं।
कोई साथ भी है,

पर साथ नहीं,
दूर खड़ा कहीं,
थामे उस पतंग की डोर,
कभी खिंचता,

कभी ढील देता,
पतंग में खुद को वो भी देखता,
कि काश उसका भी एक आसमान हो,
कोई डोर थामे उसे भी,

Shayari Status

Patang Shayari

वो भी लहराये बादलों में,
हवाओं के साथ,
पर उड़ नहीं सकता, वो पतंग नहीं।
जो पतंग है वो,

चला था यहीं से,
जाने को कहाँ, मालूम नहीं,
बस उड़ता रहा, चढ़ता रहा,
हर पल नयी उड़ान लिए,

ये अकेले क्या उड़ता मैं,
थोड़े पेच लगाना भी जरूरी है।।
ये जीत का मंजर ही क्या हो,
जहाँ अकेला खिलाड़ी हूँ मैं।।

Ye akele kya udta mai,
Thode pech lagaana bhi jaruri hai.
Ye jeet ka manjar hi kya ho,
Jahaan akela khilaadi hoon mai.

ये फक्र जो होता है झंडा लहराने पर,
अपनी पतंग को जीताना भी एक जशन है।।
सबने तो मन लिया है नया साल,
मेरा सवेरा तो उत्तरायन की शाम को होना है।।

Yeh fakr jo hota hai jhanda lehraane par,
Apni patang ko jeetaana bhi ek ek jashan hai.
Sabne toh man liya hai naya saal,
Mera savera toh utarayan ki shaam ko hona hai.

हर पतंग जानती है, अंत में कचरे में जाना है
लेकिन उससे पहले हमें, आसमान छूकर दिखाना है

काट ना सके कभी कोई पतंग आप की,
टूटे ना कभी डोर आपके विश्वास की,
छु लो आप जिंदगी की सारी कामयाबी
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकमाए!

बासमती चावल हो और उड़द की दाल घी की महकती खुशबू हो
आम का आचार दहीबड़े की सुगंध के साथ हो अपनों का प्यार
मुबारक हो आप सभी को खिचड़ी का ये भीना त्यौहार

Makar Sankranti Ki Shayari 2022

उडी वो पतंग और खिल गया दिल
गुड की मिठास में देखों मिल गया तिल
चलो आज उमंग-उल्लास में खो जाए हम लोग
सजाएँ थाली और लगाए
अपने भगवान को भोग

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